रुपये छुड़ाकर वृद्ध सास को बहु ने भगा दिया, ट्रेन में यात्रियों ने किया मदद, जीआरपी ने दूसरे बेटे के यहां पहुंचा दिया

जीर्ण-शीर्ण शरीर, पथराई हुई आंखें, ठीक से खड़े होने और चलने में भी असमर्थ, उम्र का आखिरी पड़ाव और इस उम्र में बहु की दुत्कार व घर से निकाले जोन के कारण ट्रेन में चढ़कर दूसरे बेटे के यहां ठिकाना तलाशने जा रही वृद्धा।  यह नजारा था सोमवार को जबलपुर-रीवा इंटरसिटी का। 85 वर्षीय वृद्धा शांति बाई कोल को सिहोरा में रहने वाली बहु ने रुपये छीनकर घर से भगा दिया। 
वृद्धा ने बताया कि पेट की खातिर वह मंडी में थोड़ बहुत काम कर रुपये जुटाती थी, उसको प्रतिदिन वह छीन लेती है और फिर घर से भगा देती है। रोज-रोज की दुत्कार और प्रताडऩा से तंग आकर वृद्धा घर छोड़कर ट्रेन में बैठ गई। वृद्धा को परेशान देखकर रामनगर सतना निवासी रिया मिश्रा ने पूछताछ की तो अपना दुख बताया। रिया ने ठंड से कांप रही वृद्धा को साल उढ़ाया। वह कह रही थी कि उसका बेटा एक कटनी में रहता है, लेकिन पता भूल गई है। रिया व अन्य यात्रियों ने जीआरपी को सूचना दी।

सूचना पर जीआरपी टीआइ डीपी चड़ार स्टॉफ के साथ ट्रेन को अटेंड किया और वृद्धा को उतारकर जीआरपी थाना लेकर पहुंचे। यहां पर नाश्ता-चाय कराया। बेटे से पता पूछा, लेकिन वह ठीक से पता नहीं बता पा रही थी। काफी देर बाद उसने बेटे का नाम रवि कोल संजय नगर के पास रहना बताया। टीआइ उसे कार में लेकर बेटे के घर पहुंचे और मां को बेटे के सुर्पुद किया। वृद्धा को अच्छे से रखने कहा और हरसंभव मदद का आश्वास दिया।
रुपये छुड़ाकर वृद्ध सास को बहु ने भगा दिया, ट्रेन में यात्रियों ने किया मदद, जीआरपी ने दूसरे बेटे के यहां पहुंचा दिया रुपये छुड़ाकर वृद्ध सास को बहु ने भगा दिया, ट्रेन में यात्रियों ने किया मदद, जीआरपी ने दूसरे बेटे के यहां पहुंचा दिया Reviewed by Realpost today on 10:28 PM Rating: 5
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