मुस्लिम की इस प्रथा ने ली 12 साल की मासूम बच्ची की जान, मुल्तानी मिट्टी का लेप लगाकर ब्लेड से कर दी जाती है खतना


एक और दर्दनाक प्रथा का शिकार हुई एक 12 साल की बच्ची, जी हां सही सुना आपने यह पूरी घटना मिस्र के दक्षिणी इलाके की है. यहाँ पर 12 साल की बच्ची की 'खतने' की प्रक्रिया के चलते मौत हो गई. मिली जानकारी के अनुसार बच्ची के माता-पिता एक डॉक्टर के पास खतना कराने के गये थे.यहाँ बच्ची की खतने के दौरान मौत हो गई. इस मामले में आरोपी माता पिता और डॉक्टर को गिरफ्तारी कर लिया गया है. आपको बात दे की 'खतना' को सरकार ने जुर्म घोषित कर चुके है फिर भी ये प्रथा रुकने का नाम नहीं ले रही है. ये कानून 2008  में ही पारित हो चुका है पर फिर भी महिलाओं के खतने के मामले लगातार देखे जा रहे है  परन्तु विपक्षी दलों ने इसका लगातार विरोध किया इसी वजह से ये प्रथा थमने का नाम नहीं ले रहे है.

खतना को जुर्म घोषित करने के बाद भी यह मामला देश में लगातार देखने को मिल रहा है. ये परम्परा पुराने समय से चली आ रही है. इस पूरी घटना के पश्चात् अभियोजन पक्ष ने गुरुवार रात को एक बयान दिया की असिउत प्रांत में हुई बच्ची की मौत के पश्चात् देश के सरकारी वकील ने बच्ची की माता पिता और 'खतना' करने वाले डॉक्टर को हिरासत में ले लिया है. इस पूरे मामले पर अल्मे फहमी तदवेन जेंडर रिसर्च सेंटर के प्रबंध निदेशक ने बताया कि 'यह घटना यहीं नही थमेगी.
मिस्र में और लड़कियों को इस परंपरा के नाम पर जबरजस्ती खतना किया जायेगा  लगातार मौत का सिलसिला तब तक जारी रहेगा, जब तक कि देश में इसके खिलाफ रणनीति बनाकर इसे अपराध घोषित नहीं किया जाएगा.' इस पूरे मामले ने एक बार फिर देश को शर्मशार कर दिया है. 'खतना-विरोधी' होने के बावजूद भी लगातार ऐसे घटनायें थमने का नाम नहीं ले रही है. यदि इस पर रोक नहीं लगाई गये तो न जाने कितनी मासूमों की जान जाती रहेगी. सरकार को इस और ध्यान देना चाहिए ताकि खतने से प्रताड़ित महिलाओं और बच्चो को इससे बचाया जा सके. 
मुस्लिम की इस प्रथा ने ली 12 साल की मासूम बच्ची की जान, मुल्तानी मिट्टी का लेप लगाकर ब्लेड से कर दी जाती है खतना मुस्लिम की इस प्रथा ने ली 12 साल की मासूम बच्ची की जान, मुल्तानी मिट्टी का लेप लगाकर ब्लेड से कर दी जाती है खतना Reviewed by Realpost today on 3:50 AM Rating: 5
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