मां सजाना चाहती थी अरमानों का सेहरा लेकिन उसके पहले ही ताबूत में घर पहुंच गया बेटा....

सोमवार को बीजापुर में हुए माओवादियों से मुठभेड़ में कोबरा बटालियन 204 में पदस्थ राजनांदगांव से लगे जंगलपुर का बेटा जवान पूर्णानंद साहू शहीद हो गए। शहीद जवान पूर्णानंद का शव मंगलवार को उसके गृह ग्राम जंगलपुर लाया गया। यहां पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ शहीद जवान अंतिम संस्कार किया गया। जैसे ही शहीद का पार्थिव देह ताबूत में बंद होकर गांव पहुंचा तो शहीद को अंतिम विदाई देने लोगों को तांता लग गया। 
शहीद जवान अमर रहे के नारों के बीच जवान पंचतत्व में विलीन हो गया। सोमवार को बीजापुर में माओवादियों के मौजूदगी की जानकारी सुरक्षाबलों को हुई थी। इस दौरान सुरक्षाबल के जवान तिपापुराम कैंप से ऑपरेशन के लिए निकले थे। सर्चिंग के दौरान जवानों का आमना सामना नक्सलियों से हुआ। मुठभेड़ में दो जवान शहीद हो गए और एक माओवादी भी मारा गया। मुठभेड़ में राजनांदगांव जिला के लालबाग थाना के जंगलपुर निवासी कोबरा 204 बटालियन के जवान पूर्णानंद साहू, पिता लक्ष्मण साहू शहीद हो गए। शहीद जवान पूर्णानंद साहू 2003 में कोबरा बटालियन में भर्ती हुआ था और वर्तमान में उसकी पदस्थापना घोर माओवाद प्रभावित क्षेत्र बीजापुर में थी। 

बताया जा रहा है कि शहीद जवान पूर्णानंद की हाल ही में शादी होने वाली थी। शहीद जवान की एक बड़ी व दो छोटी बहने हंै। उसका एक छोटा भाई भी है। जैसे ही जवान बेटे का शव घर पहुंचा तो मां अपनी सुधबुध खो बैठी। सेहरा सजाने का अरमान लिए हुए मां ने रोतेे हुए अपने लाल को अंतिम विदाई दी। वहीं बहनें अंतिम यात्रा तक भाई के ताबूत से लिपटी रही। जवान को श्रद्धांजलि देने के लिए कई जनप्रतिनिधि, प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी भी पहुंचे।
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